अस्थायी स्वास्थ्य कर्मचारियों का धरना पांचवे दिन भी जारी

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल व जिलायुक्त से मिलने पहुंचे प्रदर्शनकारी ईशांत सूदन की रिपोर्ट कठुआ। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रहे अस्थायी कर्मियों ने अपने कार्यकाल की अवधि को पूर्ण करने की मांग को लेकर मंगलवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। कार्यकाल के विस्तार को आगे बढ़ाने की मांग को
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अस्थायी स्वास्थ्य कर्मचारियों का धरना पांचवे दिन भी जारी

मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल व जिलायुक्त से मिलने पहुंचे प्रदर्शनकारी

ईशांत सूदन की रिपोर्ट

कठुआ। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रहे अस्थायी कर्मियों ने अपने कार्यकाल की अवधि को पूर्ण करने की मांग को लेकर मंगलवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। कार्यकाल के विस्तार को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर इन सभी कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ तानाशाही रवैये को अपनाने का आरोप लगाया है। कठुआ केसरी से बात करते हुए इन्होंने कहा कि आज यह लोग कॉलेज के प्रिंसिपल व जिलायुक्त कठुआ से मिलने गए ठगे लेकिन उधर उन्हें यह कह के भेज दिया गया कि कांट्रैचुल का मतलब आपको समझ आना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि आज वह पूर्व विधायक से भी मिलने गए थे और उन्होंने आस्वासन दिया कि वह उनके इस मसले को जल्द बड़े नेताओं तक पहुंचाएंगे। इस दौरान उन्होनें कहा कि एसआरओ 24 के तहत 1 साल से लेकर 6 साल तक विस्तार बढ़ाने का प्रावधान है लेकिन अब उसको आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इपत्रकारों को अपनी समस्या सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज इस महामारी के संकट में जहां स्वास्थ्य कर्मचारी फ्रंटलाइन बन के खड़े हैं और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस संकट के दौरान किसी को निष्कासित नहीं किया जाना चाहिए तो उन्हें किस आधार पर निष्कासित किया गया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रशासन पर तानाशाही रुख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि वह उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं है वहीं दूसरी और अलग अलग मेडिकल कॉलेजों में एस आर ओ 24 के तहत लगे हुए कर्मचारी अपने काम पर लगे हुए हैं।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने वाले अस्थाई कर्मियों रोष प्रकट करते हुए कहा कि पिछलें एक साल से हम यह अपनी सेवाएं दे रहे है और जब हम अपने कार्यकाल के विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए कहा तो हमें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में एक तरफ सरकार रिटायर्ड डॉक्टरों को दोबारा लगा रही है तो वहीं दूसरी और हमें निष्कासित कर दिया गया जो कि हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे और कड़ा विरोध करते हैं।उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू कश्मीर के युवाओं के साथ हमेशा खिलवाड़ करती आयी है लेकिन अब इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।