अब जन्नत में कोई भी बना सकता है अपना आशियाना

अरमान अली की रिपोर्ट जम्मू -कश्मीर और लद्दाख में अब देश का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है और वहां पर बस सकता है। गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार को इसके तहत नई नोटिफिकेशन जारी की गई है। हालांकि, अभी खेती की जमीन खरीदने को लेकर रोक जारी रहेगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक,
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अब जन्नत में कोई भी बना सकता है अपना आशियाना

अरमान अली की रिपोर्ट

जम्मू -कश्मीर और लद्दाख में अब देश का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है और वहां पर बस सकता है। गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार को इसके तहत नई नोटिफिकेशन जारी की गई है। हालांकि, अभी खेती की जमीन खरीदने को लेकर रोक जारी रहेगी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के मुताबिक, हम चाहते हैं कि बाहर की इंडस्ट्री जम्मू-कश्मीर में लगें, इसलिए इंडस्ट्रियल लैंड में इन्वेस्ट की जरूरत है, लेकिन खेती की जमीन सिर्फ  राज्य के लोगों के लिए ही रहेगी। बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सिर्फ  वहां के निवासी ही जमीन की खरीद-फरोख्त कर सकते थे, लेकिन अब बाहर से जाने वाले लोग भी जमीन खरीदकर वहां पर अपना काम शुरू कर सकते हैं या फिर वहां पर बस सकते हैं।

 केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह फैसला जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत लिया है, जिसके तहत कोई भी भारतीय अब जम्मू-कश्मीर में फैक्टरी, घर या दुकान के लिए जमीन खरीद सकता है। इसके लिए किसी तरह के स्थानीय निवासी होने का सबूत देने की भी जरूरत नहीं होगी। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर को पिछले साल ही अनुच्छेद 370 से मुक्त किया गया था। उसके बाद 31 अक्तूबर, 2019 को जम्मू-कश्मीर और उससे अलग किया गया लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन गए थे। अब केंद्र शासित प्रदेश होने के एक साल पूरे होने पर इनमें जमीन के कानून में बदलाव किया गया है।