प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने बनाए 20 कंट्रोल रूम, वाट्सएप या फोन से बताई जा सकेगी समस्या

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प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने बनाए 20 कंट्रोल रूम, वाट्सएप या फोन से बताई जा सकेगी समस्या

नई दिल्ली। कोरोना की वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन व कर्फ्यू की स्थिति को देखते हुए फिर से प्रवासी श्रमिकों में भगदड़ है। इसे देखते हुए केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए 20 कंट्रोल रूम बनाए हैं। प्रवासी श्रमिक इन केंद्रों से संपर्क कर अपनी समस्याएं साझा कर सकते हैं।

संबंधित राज्य सरकार की मदद से श्रम मंत्रालय का यह कंट्रोल रूम श्रमिकों की समस्या का निवारण कराएगा। प्रवासी श्रमिक ई-मेल, वाट्सएप या मोबाइल फोन के जरिये अपनी समस्या कंट्रोल रूम से साझा कर सकते हैं।

श्रम मंत्रालय के मुताबिक, ये कंट्रोल रूम अहमदाबाद, अजमेर, आसनसोल, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, चेन्नई, कोच्चि, देहरादून, दिल्ली, धनबाद, गुवाहाटी, हैदराबाद, जबलपुर, कानपुर,कोलकाता, मुंबई, नागपुर,पटना व रायपुर स्थापित किए गए हैं।

कई राज्यों में लॉकडाउन जैसी स्थिति को देखते हुए प्रवासी श्रमिक फिर से अपने मूल राज्यों की ओर लौटने लगे हैं। मंत्रालय ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में प्रवासी श्रमिक कई प्रकार से प्रभावित होते हैं और उनकी सभी समस्याओं को दूर करने की कोशिश की जाएगी। मुख्य श्रम आयुक्त सभी 20 कंट्रोल रूम की निगरानी करेंगे।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर अत्यधिक गंभीर होती जा रही है। देश में पहली बार 2.94 लाख नए मामले सामने आए हैं और दो हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हालात बेहद चिंताजनक होते जा रहे हैं। महाराष्ट्र और दिल्ली में रिकार्ड मौतें हुई हैं। सक्रिय मामलों का आंकड़ा भी 21 लाख को पार कर गया है।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मंगलवार देर रात तक मिले आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे के दौरान 2,94,115 नए मामले मिले हैं, 1,66,520 मरीज ठीक हुए हैं और 2,020 लोगों की मौत हुई है, जिसमें महाराष्ट्र में सबसे अधिक 519, दिल्ली में 277, छत्तीसग़़ढ में 191, उत्तर प्रदेश में 162, कर्नाटक में 149, गुजरात में 121 और मध्य प्रदेश में 77 मौतें शामिल हैं।