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Paytm की लिस्टिंग देश के इतिहास की सबसे खराब लिस्टिंग में से एक।

नई दिल्ली : देश का सबसे बड़ा आईपीओ होने के बावजूद Paytm का शेयर बीते 10 साल में सबसे खराब लिस्टिंग वाला शेयर रहा है. इससे अब विशेषज्ञों के बीच स्टार्टअप कंपनियों के आईपीओ को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है और इसका सीधा असर बहुत जल्द आने वाले कई स्टार्टअप के आईपीओ पर दिख सकता है.
सबसे अच्छे साल में सबसे खराब लिस्टिंग
EY का कहना है कि आईपीओ के लिहाज से 2021 सबसे अच्छे सालों में से एक है. 2021 के पहले 9 महीनों में कंपनियों ने IPO के माध्यम से 9.7 अरब डॉलर (करीब 720 अरब रुपये) जुटाए. ये पिछले 2 दशक में इसी अवधि के दौरान आईपीओ से जुटाई गई सबसे अधिक राशि है. वहीं Paytm का शेयर 27% से अधिक की गिरावट के साथ पहले दिन लिस्ट हुआ. इसका आईपीओ मूल्य हाई बैंड पर 2,150 रुपये था जबकि लिस्टिंग वाले दिन ये 1,560 रुपये पर बंद हुआ.

MobiKwik, Oyo की बढ़ी टेंशन
Paytm की खराब लिस्टिंग की वजह से अब एक्सपर्ट का मानना है कि आने वाले समय में इसका असर MobiKwik और Oyo के आईपीओ पर पड़ सकता है. इसमें MobiKwik तो Paytm जैसी ही पेमेंट कंपनी है. वहीं Oyo भी एक स्टार्टअप कंपनी है.

सिंगापुर के प्रमुख इंवेस्टमेंट और फंड मैनेजर क्रिस्टी फॉन्ग ने कहा कि Paytm की लिस्टिंग से उम्मीद की जा सकती कंपनियों के प्रमोटर्स अब उनकी कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर थोड़ा बहुत वास्तविकता के करीब पहुंचेंगे.

Paytm IPO के लिए कंपनी की वैल्यूएशन 18.7 अरब डॉलर (करीब 1390 अरब रुपये) करने को लेकर विशेषज्ञों ने पहले ही चिंता जताई थी. उनका कहना था कि बिना किसी स्पष्ट बिजनेस मॉडल वाली और घाटे में चल रही कंपनी का इतना वैल्यूएशन मौजूदा मार्केट में खराब प्रदर्शन करेगा. कुछ-कुछ इसी तरह की राय सैमको सिक्योरिटीज के जिमीत मोदी और क्रिस के अरुण केजरीवाल ने भी रखी.

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