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झारखंड सरकार गिराने की साजिश में विधायक जी के नामों का नहीं किया जा रहा खुलासा

शेखर की रिपोर्ट 

झारखंड में सरकार गिराने की साजिश (Conspiracy to topple the government in Jharkhand) और विधायकों की तथाकथित खरीद-फरोख्त के मामले में रांची पुलिस ने आरोपियों से डिमांड पर दूसरे दिन पूछताछ की. शुक्रवार को कोतवाली थाने में आरोपी अभिषेक दुबे, अमित सिंह और निवारण कुमार महतो से सदर डीएसपी प्रभात रंजन बरवार ने पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने सिर्फ तीन विधायकों का ही नाम लियाआरोपियों ने पूछताछ में अपने पूर्व की स्विकारोकोक्ति बयान का ही समर्थन किया है. वहीं महाराष्ट्र के नेताओं से अपने संपर्क की बात भी कबूली है. विधायकों का आरोपी बनना तय रिमांड पर पूछताछ के बाद कि स्विकारोकोक्ति और जांच में अब तक आए तथ्यों के आधार पर 15 जुलाई को दिल्ली जाने वाले तीन विधायकों का आरोपी बनना तय है. केस डायरी में नाम सामने आने के बाद पुलिस तीनों विधायकों को 41सीआरपीसी के तहत नोटिस देगी. महाराष्ट्र के नेताओं को भी नोटिस भेजकर पक्ष मांगा जाएगा.विधायकों को मनाने लौटे थे तीनों आरोपि से तपूछताछ में तीनों आरोपितों ने यह भी बताया है कि तीन विधायक जब दिल्ली गए थे और वहां महाराष्ट्र के भाजपा नेताओं के साथ बैठक हुई थी. इस दौरान 1 करोड़ रुपये एडवांस में देने की बात पर नाराज होकर सभी वापस लौट आए थे. उनके लौटने के बाद आरोपित वापस रांची उन्हें मनाने के लिए आए थे. इस मामले में रिमांड के नाम पर खानापूर्ति की नजर आ रही है जो कि तीनों आरोपितों को 48 घंटे की रिमांड पर लाया गया है. बीते गुरुवार की दोपहर 3:00 बजे से लेकर शनिवार की दोपहर 3:00 बजे तक रिमांड अवधि है. शनिवार को दोनों वापस जेल भेज दिए जाएंगे आपको बताते जाए कि इस मामले में रांची पुलिस की चुप्पी अब भी कायम है. जबकि अनुसंधान की गति धीमी है. इस केस में कई तरह के बावजूद उन्हें कोई नोटिस नहीं भेजा गया. न ही पूछताछ की गई. पकड़े गए तीनों आरोपितों ने अपने बयान में कई नामों का खुलासा किया था. इनमें महाराष्ट्र के भाजपा नेता, दो पत्रकारों सहित कई नाम सामने आए हैं. जिन्हें पुलिस ने अबतक सीआरपीसी 41 के तहत कोई नोटिस भी नहीं भेजा है. 22 जुलाई को हुई थी आपको बता दें 
जाए की अभी तक पुलिस द्वारा विधायक जी के नामों का नहीं किया जा रहा खुलासा मामले में जेल भेजे गए अभिषेक दुबे, अमित सिंह और निवारण प्रसाद के स्वीकारोक्ति बयान में साजिशकर्ताओं के संपर्क में रहने वाले विधायकों के नाम का उल्लेख किया गया है, लेकिन आरोपितों के द्वारा नाम बताने के बावजूद बयान में केवल विधायक जी लिखा गया है. स्वीकारोक्ति बयान में लिखा गया है कि गाड़ी, किस होटल में बैठक हुई. बावजूद विधायकों के नाम स्वीकारोक्ति बयान से गायब हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर कार वो तीन विधायक हैं कौन 

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