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इश्क में डूबे मधुबाला और दिलीप कुमार की मुकम्मल न हो सकी मोहब्बत, ‘विलेन’ बने पिता

नई दिल्ली। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े किस्से कहानियों में जब-जब मोहब्बत का जिक्र आएगा तब-तब फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार और मधुबाला को याद किया जाएगा। मधुबाला और दिलीप कुमार का इश्क उन चंद प्रेम कहानियों में से एक है जो मुकम्मल नहीं हो पाया। हालांकि दोनों ने एक दूसरे को बेइंतेहा प्यार किया, लेकिन मधुबाला के पिता की वजह से ये लव स्टोरी अधूरी रह गई। वेलेटाइंन वीक में आज हम आपको बताते हैं दिलीप कुमार और मधुबाला की उस प्रेम कहानी के बारे में जिसमें ‘विलेन’ एक्ट्रेस के पिता ही बन गए और जिनकी वजह से दोनों की राहें जुदा हो गईं।

यहां से शरू हुई मोहब्बत

कहा जाता है कि 1944 में फिल्मक ‘ज्वा र भाटा’ के सेट पर मधुबाला और दिलीप कुमार की मुलाकात हुई थी। इसके बाद 1951 फिल्म ‘तराना’ की शूटिंग के दौरान दिलीप कुमार और मधुबाला एक दूसरे के करीब आए। जब दोनों की लव स्टोरी की शुरुआत हुई उस दौरान मधुबाला महज 18 साल की थीं और दिलीप कुमार 29 साल के थे। ‘तराना’ के बाद दोनों की मोहबब्त परवान चढ़ी, सात साल तक दोनों रिलेशनशिप में रहे। लेकिन मधुबाला के पिता अताउल्ला ख़ान को दिलीप कुमार से उनका रिश्ता पसंद नहीं था इसलिए दोनों की प्रेम कहानी का अंत हो गया।

मुगल-ए-आजम’ की शूटिंग के समय दिलीप और मधुबाला का प्या र और भी गहरा हो गया, लेकिन सालों तक चली फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच कुछ गलतफमियां आ गईं, और इस वजह से दोनों की प्रेम कहानी का अंत हो गया। हालात ये थे कि पर्दे पर इश्क कर रहे मधुबाला और दिलीप एक दूसरे से बात तक नहीं करते थे। दरअसल, बी.आर.चोपड़ा ने मधुपाला के पिता अताउल्लाह खान पर एक फिल्म का कांट्रैक्ट पूरा न करने का केस कर दिया। केस के दौरान दिलीप कुमार और मधुबाला के रिश्ते को भी बहुत उछाला गया। कोर्ट में दिलीप साहब ने बी.आर.चोपड़ा की तरफ से बयान दिया। मामला तो खत्म हुआ लेकिन दोनों के रिश्ते में दरार आ गई। इस केस के बाद भी दोनों ने फिल्म मुगले आजम की लेकिन उस दौरान दोनों का रिश्त इतना खराब था कि दिलीप कुमार मधुबाला से बात तक नहीं करना चाहते थे। दोनों अनारकली और सलीम का किरदार निभा रहे थे पर दोनों के बीच मोहब्बत जा रही थी

पिता ने रखी ये शर्त और खत्म हो गया रिश्ता

मधुबाला के साथ अपने रिलेशनशिप का ज़िक्र दिलीप कुमार ने अपनी बायोग्राफी में विस्तार से किया है। मधुबाला के पिता एक प्रोडक्शन कंपनी चलाते थे और वो चाहते थे कि शादी के बाद दिलीप कुमार और मधुबाला उनकी ही फ़िल्मों में काम करें, जिसके लिए दिलीप साहब तैयार नहीं हुए और इसके बाद उनके रिश्ते का अंत हो गया। मुग़ले-आज़म का एलान 50 के दशक में उसी वक़्त हुआ था, जब दोनों की मोहब्बत परवान चढ़ रही थी। मगर, इस फ़िल्म के पूरा होते-होते दोनों अजनबी बन चुके थे। एक जगह दिलीप साहब अपनी बायोग्राफी में लिखते हैं- ”मुग़ले-आज़म के प्रोडक्शन के दौरान ही हमारी बातचीत बंद हो गयी थी। फ़िल्म के उस क्लासिक दृश्य, जिसमें हमारे होठों के बीच पंख आ जाता है, के फ़िल्मांकन के समय हमारी बोलचाल पूरी तरह बंद हो चुकी थी।’ इसके बाद दिलीप कुमार ने सायरा बानो से शादी कर ली और मधुबाला ने किशोर कुमार से।

 

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