इटावा में किडनी काण्ड के लिए बनी जांच टीम बड़े रैकेट का हो सकता है खुलासा।

देवेश कटियार की रिपोर्ट कन्नौज -किसान की इटावा के अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान चोरी से किडनी निकालने का मामला बड़े से रैकेट से जुड़ता दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह देश भर में फैले मानव अंग तस्करों से जुड़ा हो सकता है। पीड़ित किसान की
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इटावा में किडनी काण्ड के लिए बनी जांच टीम बड़े रैकेट का हो सकता है खुलासा।

 

 

देवेश कटियार की रिपोर्ट

 

 

कन्नौज  -किसान की इटावा के अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दौरान चोरी से किडनी निकालने का मामला बड़े से रैकेट से जुड़ता दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह देश भर में फैले मानव अंग तस्करों से जुड़ा हो सकता है। पीड़ित किसान की शिकायत पर मुख्य चिकित्साधिकारी एनएस तोमर ने जांच के लिए रेडियोलॉजिस्ट और एसीएमओ की टीम बनाई है।

 

टीम की रिपोर्ट सामने आते ही अस्पताल प्रबंधन और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर सलाखों के पीछे जा सकते हैं। कन्नौज के छिबरामऊ निवासी किसान रामेंद्र सिंह यादव ने 4 जून 2012 को फर्रुखाबाद रोड इटावा स्थित एक ट्रस्ट अस्पताल में पित्ताशय में पथरी का ऑपरेशन करवाया था। इसके पहले उन्होंने फर्रुखाबाद की एक पैथालॉजी में अल्ट्रासाउंड करवाया जिसमें पथरी की जानकारी होने के साथ दोनों किडनी सामान्य पाईं गईं थीं।

रामेंद्र के मुताबिक ऑपरेशन के कुछ साल बाद उनके पेट में फिर से दर्द उठने लगा। उन्होंने छिबरामऊ के एक डॉक्टर से इलाज करवाया। डॉक्टर की सलाह पर तीन नवंबर 2020 को उन्होंने छिबरामऊ में फिर से अल्ट्रासाउंड करवाया तो पित्ताशय के साथ दाहिना गुर्दा भी गायब था। रामेंद्र दोबारा फर्रुखाबाद के अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचे

यहां फिर से हुई जांच में भी किडनी गायब मिली। वहां के डॉक्टरों ने नई और पुरानी जांचों का मिलान करके बताया कि पथरी के ऑपरेशन के दौरान किडनी निकाल ली गई है। परेशान रामेंद्र ने शासन और प्रशासन को दर्जनों रजिस्ट्री भेजकर न्याय की गुहार लगाई। कार्रवाई न होते देख दो मार्च को उन्होंने डीएम और सीएमओ इटावा को शिकायत पत्र दिया।

 

रैकेट तक पहुंचने के लिए एजेंसियों को दी गई सूचना

सीएमओ का कहना है कि किसान रामेंद्र की शिकायत पर जांच टीम बनाई गई है। रेडियोलॉजी से पता चल जाएगा कि पैदा होने के साथ ही किसान की किडनी नहीं थी या बाद में निकाली गई। अगर किडनी निकाली गई है तो साफ है कि देश भर में फैले मानव अंग तस्करों के तार इटावा तक जुड़े हैं। यह बेहद गंभीर मामला है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि यहां के अस्पतालों में आए दिन ऑपरेशन में लापरवाही के दौरान अंग निकाले जाने के मामले सामने आ रहे हैं। इस संबंध में सभी सुरक्षा और जांच एजेंसियों को सूचना दी गई है।

 

सरहद पार तक होता है मानव अंगों का सौदा

 

स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि देश में कई ऐसे राज्य हैं जहां अंगों के प्रत्यारोपण के लिए यूपी की तरह जटिल प्रक्रिया नहीं है। बेहद कम औपचारिकता के साथ वहां अंगों का प्रत्यारोपण करवाया जा सकता है। ऐसे राज्यों में चोरी से निकाले गए अंगों को बेचा जा रहा है। इसके अलावा खाड़ी देशों के साथ सरहद पार के कई देश हैं जहां भारत के तस्कर मानव अंगों का सौदा करते हैं। यहां उन्हें इसकी मुंह मांगी कीमत मिलती है।

 

 

मामले का स्वत: संज्ञान लेकर सक्रिय हुई पुलिस

 

एसएसपी आकाश तोमर का कहना है कि पीड़ित किसान उनके पास नहीं पहुंचा। लेकिन मामले की जानकारी होते ही उन्होंने खुद किसान से संपर्क किया। उनका कहना है कि मेडिकल टीम की जांच रिपोर्ट आते ही मामले में कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिले भर में संचालित अस्पतालों के लाइसेंस चेक करने का अभियान चलाया जाएगा। इसमें सीएमओ की टीम साथ होगी। जिन अस्पतालों में बिना मानक पूरे किए इलाज और ऑपरेशन किए जा रहे हैं उन्हें बंद करवाकर संचालकों को जेल भेजा जाएगा।